
Journalist, Ex-Editor @DainikBhaskar Politics | Life | Food | Travel | (ट्वीट पूरी तरह मेरे निजी विचार)
Jaipur/Jodhpur
Joined June 2009
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आजादी जिंदाबाद...
स्वघोषित, स्वयंभू टाइप समाज में वैमनस्य और नफरत पैदा करने वाले लोग आपसे उम्मीद करेंगे कि आप उनके मन-मुताबिक चलो। जैसी उनकी सोच, जो उनको पसंद है वो ही बात करो। वो दिन को अगर रात कहें तो आप भी रात कहो। फिर यह तो चुनाव का टाइम है। मीडिया में स्वतंत्र रूप से काम करने वालों को टारगेट किया जा रहा है। मित्रो, बड़ा मुश्किल समय है। आपको आपके एक ही ट्वीट से जज कर लिया जाएगा और लोग अपना लठ्ठ लेकर आपके पीछे दौड़ पड़ेंगे। ऐसे खुद को सामाजिक तत्व बताने वाले असामाजिक तत्व आपको हर खेमे में मिलेंगे लेकिन इनसे घबराकर अपनी राह थोड़े ही छोड़ी जाती है। सच की राह सदैव ही कठिन रही है, आज भी कठिन ही है और कठिन ही रहेगी। ये ताकतें पहले सिर्फ जमीन पर काम करती थीं, अब सोशल मीडिया पर हावी हैं। मैं इस मंच से किसी के भी मन-मुताबिक चलने से साफ इनकार करता हूं। आजादी मेरे लिए सर्वोपरि है और सर्वोपरि ही रहेगी। आजादी की कीमत चुकानी पड़ती है और मैं इसके लिए हमेशा तैयार हूं।
इस राह के हर राही का स्वागत, अभिनंदन
जोगेंद्रनाथ चौधरी हमारे समय के उम्दा कलाकार थे
कला जगत में वे जोगेन चौधरी के नाम से जाने गए। उनकी कला में पश्चिम के बजाय भारतीय आधुनिकता ज्यादा देखी जा सकती है। भारतीय कला जगत के लिए उनका जाना बहुत बड़ी घटना है। हालांकि कलाकार अपनी कला के जरिए सदैव जीवित रहते हैं।
विनम्र श्रद्धांजलि
Remembering Jogen Chowdhury (1939–2026)
I have lost my friend and our guide of the organisation ‘The Bengal’ Jogen Chowdhury, our beloved Jogen da, has left us at 87 after a long year of illness. With him, an era of Indian art draws to a close, and Kolkata’s cultural heart falls a little quieter. It was Soumitra Chatterjee who first introduced us. The friendship clicked instantly, and soon Jogen da became a familiar presence at my Russell Street home, where our adda sessions stretched long past midnight, with art, poetry and music flowing in equal measure. For over two decades we worked shoulder to shoulder. As President of The Bengal, succeeding Nabaneeta Dev Sen, he brought quiet dignity to everything we did, from the Sunil Gangopadhyay Memorial Award to Soumitra da’s exhibition ‘Forms Within’ at ICCR. He was a cornerstone of our Prabha Khaitan Foundation platforms, and graciously endorsed my book, Calcuttascape. The world knew his haunting cross-hatched figures, lines that held human frailty with such tenderness. I knew the man with a small camera in his pocket, forever capturing candid moments of fellow artistes, an unwritten archive of Kolkata’s cultural life. I knew the hardcore Bengali who celebrated his birthday with songs and verses deep into the night. In Bangladesh, where his roots lay in Faridpur, he was revered as a living bridge of undivided Bengal by artists like Shama Rahman and many others. He had recently opened a small gallery of his own and wished to host a meeting of The Bengal there. That wish now remains unfulfilled, and the thought stays with me. Goodbye, Jogen da. Your lines will keep speaking long after the adda has ended.
ओमप्रकाश जी ये हैं
देशभर में चर्चे हैं। हजारों सरपंच बनने वाले हैं राजस्थान में लेकिन नेशनल मीडिया में इनकी हार की चर्चा ज्यादा है। ओमप्रकाश जी की हार ने ज्यादा फॉलोअर्स वाले समूहों में चिंता जगा दी है।
ओमप्रकाश जी की हार ने दिल तोड़ दिया है
ओमप्रकाश जी ने "जीमण ही जीवन है" के मंत्र को जीवन में अपनाया और प्रसिद्धि हासिल की।
ओमप्रकाश जी ने चुनाव में लोगों को छप्पन भोग जिमाए लेकिन छप्पन वोट भी नहीं पाए।
ओमप्रकाश जी ने चुनाव में किसी को नशा नहीं करवाया और इसका खामियाजा भुगता।
ओमप्रकाश जी के सोशल मीडिया पर कुल 21 लाख फाॅलोअर हैं लेकिन महज 33 वोट मिलने से सोशल मीडिया की ताकत का भंडाफोड़ हो गया।
लोग माल जीम गए और डकार भी नहीं ली
अब ओमजी जैसे लोग क्यों चुनाव लड़ेंगे?
यह सिर्फ हमारे देश में ही हो सकता है
भीलवाड़ा के जहाजपुर का गांव है लोहारी खुर्द।
यहां लड़ाई झगड़े की झूठी सूचना देकर एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं पूरी 9 एंबुलेंस बुला ली गई।
असामाजिक तत्वों की इस करतूत से पूरा सिस्टम हरक़त में आ गया। राहत की बात सिर्फ इतनी ही है कि गांव में कोई भी ऐसी घटना नहीं हुई थी जिसके कारण एक भी एंबुलेंस की जरूरत हो, लेकिन इस तरह एम्बुलेंस सिस्टम को डिस्टर्ब करना भी कहां तक उचित है?
क्या प्रशासन ऐसी अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा?
हालांकि मजेदार और सोचने वाली बात ये भी है कि एक साथ नौ एंबुलेंस पहुंच कैसे गई? जरूरत के वक्त एक भी पहुंच जाए तो राहत की बात होती है
@DmBhilwara @Bhilwara_Police
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री महोदय पुष्कर सिंह धामी गिरते-गिरते बचे हैं। फिसलने की संभावना पूरी थी। फिर भी रिस्क लिया गया।
रिस्क लेने वाले ही सफलता हासिल करते हैं
रिस्क लेते हुए का वीडियो भी बनवाते हैं
गलतफहमी में मार खा गया भाई
एकदम पक्का कांग्रेसी ही है। खड़गे जी को टोकते हुए बोला था "नरेंद्र मोदी वो कर रहा है कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएगा" और खड़गे जी तक सिर्फ इतनी ही बात पहुंची कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएगा। खड़गे जी गुस्से में मोदी के बाप तक पहुंच गए और भाई को बीजेपी वाला समझ कर पीट दिया गया।
तीन चीज़ें बेमतलब में हो गई
1. खड़गे जी ने कल दिनभर आलोचना झेली।
2. भाई ने अपने ही लोगों से मार खाई।
3. कार्यक्रम में आई भीड़ के चर्चे हो गए।
एक बात समझ में नहीं आई
यह भाई खड़गे जी के सामने बात तो उनके मन की ही कर रहा था। एकदम सुहाती हुई। वहीं, जो आजकल चल खूब कही भी जा रही है। यह भाई कोई मोदी भक्त तो है नहीं।
फिर खड़गे जी भड़के क्यों?
मुझे एक ही बात समझ में आ रही है।
हाॅल में अधिकांश कुर्सियां खाली हैं। खाली कुर्सियां किसी भी नेता को नागवार गुजरती हैं।
फिर गुस्सा किसी पर निकाला जाए? सबसे आसान टार्गेट होता है या तो नरेंद्र मोदी या फिर अपना ही कार्यकर्ता।
खड़गे जी ने दोनों को एक साथ लपेट दिया।
आज राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां एक-एक कर भिड़ती गईं। हालांकि राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित हैं। कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी आ रही है।
काफिले के ड्राइवरों को भी अलग ट्रेनिंग दी जानी चाहिए
फ्रांस की पुलिस अब जाकर वो काम कर रही है जो उसे सप्ताह भर पहले कर लेना चाहिए था।
लातों के भूत लातों से ही मानते हैं।
अगर पहले से ही इतनी सख्ती की होती तो फ्रांस जलाया नहीं जाता।
सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया
अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर उनके खिलाफ BJP नेता ने मानहानि का केस दर्ज कराया था।
ओमप्रकाश जी की हार ने दिल तोड़ दिया है
ओमप्रकाश जी ने "जीमण ही जीवन है" के मंत्र को जीवन में अपनाया और प्रसिद्धि हासिल की।
ओमप्रकाश जी ने चुनाव में लोगों को छप्पन भोग जिमाए लेकिन छप्पन वोट भी नहीं पाए।
ओमप्रकाश जी ने चुनाव में किसी को नशा नहीं करवाया और इसका खामियाजा भुगता।
ओमप्रकाश जी के सोशल मीडिया पर कुल 21 लाख फाॅलोअर हैं लेकिन महज 33 वोट मिलने से सोशल मीडिया की ताकत का भंडाफोड़ हो गया।
लोग माल जीम गए और डकार भी नहीं ली
अब ओमजी जैसे लोग क्यों चुनाव लड़ेंगे?
क्या आप वर्क लगी मिठाई खा रहे हैं?
अगर हां, तो तत्काल सावधान हो जाइए
काजू कतली जैसी मिठाइयों पर 99% एल्युमिनियम-कैडमियम वाला वर्क लगा होता है। इसे खाने से किडनी लिवर ख़राब हो सकते हैं और कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है। दैनिक भास्कर की एक पड़ताल में सामने आया है कि चूंकि चांदी लंबे समय से बहुत महंगी चल रही है तो वर्क बनाने-बेचने वालों ने सस्ते का रास्ता निकाल लिया है। यह सस्ते का रास्ता आपकी सेहत के लिए बेहद घातक है।
बिना वर्क वाली मिठाई मांगिए
सजावट के लिए मिठाई की दुकानों पर वर्क वाली मिठाइयां बहुतायत में मिलती हैं लेकिन अगर बिना वर्क वाली मिठाई की डिमांड होगी तो व्यापारी वही देगा और वही आपकी सेहत के लिए ठीक भी है। अभी आपके पास कोई विकल्प नहीं होता और जो उपलब्ध है, वही हम खरीद भी लेते हैं।
शरद पूर्णिमा के चंद्र दर्शन रात्रि 12:25 बजे
चन्द्रमा अपनी षोडश कलाओं से परिपूर्ण होकर उदित हुआ है। सम्पूर्ण प्रकृति अमृत-स्नान करती प्रतीत होती है।
देख रहा है बिनोद???
कैसे वेणुगोपाल कसीदे काढ़ रहे हैं और राजस्थान के सारे नेता गौर से सुन रहे हैं
@VinodJakharIN
शराब की दुकान बंद करवाने के लिए
जयपुर में सामूहिक रूप से दुकान के आगे हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है।
इतने लोग चाहें तो क्या शराब की दुकान बंद नहीं हो सकती?
एक बात समझ में नहीं आई
यह भाई खड़गे जी के सामने बात तो उनके मन की ही कर रहा था। एकदम सुहाती हुई। वहीं, जो आजकल चल खूब कही भी जा रही है। यह भाई कोई मोदी भक्त तो है नहीं।
फिर खड़गे जी भड़के क्यों?
मुझे एक ही बात समझ में आ रही है।
हाॅल में अधिकांश कुर्सियां खाली हैं। खाली कुर्सियां किसी भी नेता को नागवार गुजरती हैं।
फिर गुस्सा किसी पर निकाला जाए? सबसे आसान टार्गेट होता है या तो नरेंद्र मोदी या फिर अपना ही कार्यकर्ता।
खड़गे जी ने दोनों को एक साथ लपेट दिया।
कांग्रेस के अध्यक्ष का यह स्तर?
मोदी का बाप भी जाएगा...
मोदी का बाप भी जाएगा...
ये कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं? यकीन नहीं होता, देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष इतने हल्के शब्द भी चुन सकते हैं और वो भी सार्वजनिक तौर पर। फिर पीछे वालों की भाषा ख़राब हो तो आश्चर्य कैसा? राजनीति की भाषा बिगड़ तो रही है लेकिन शीर्ष स्तर पर इस तरह का बिगाड़ चिंताजनक है। नरेंद्र मोदी आखिरकार भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। और आप मुख्य विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। निश्चित रूप से आपके मन में भरपूर नफ़रत होगी लेकिन इसका इज़हार इस तरह नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में गरिमा बनी रहनी चाहिए
हालांकि खड़गे जी को इस उम्र में क्या ही कोई गरिमा सिखा देगा?
कांग्रेस के अध्यक्ष का यह स्तर?
मोदी का बाप भी जाएगा...
मोदी का बाप भी जाएगा...
ये कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं? यकीन नहीं होता, देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष इतने हल्के शब्द भी चुन सकते हैं और वो भी सार्वजनिक तौर पर। फिर पीछे वालों की भाषा ख़राब हो तो आश्चर्य कैसा? राजनीति की भाषा बिगड़ तो रही है लेकिन शीर्ष स्तर पर इस तरह का बिगाड़ चिंताजनक है। नरेंद्र मोदी आखिरकार भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। और आप मुख्य विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। निश्चित रूप से आपके मन में भरपूर नफ़रत होगी लेकिन इसका इज़हार इस तरह नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में गरिमा बनी रहनी चाहिए
हालांकि खड़गे जी को इस उम्र में क्या ही कोई गरिमा सिखा देगा?
मुख्य सचिव महोदय मन की बात सुन रहे हैं
जहां तक मैं जानता हूं, राजस्थान के मुख्य सचिव महोदय देश के सबसे सिंसियर मुख्य सचिव हैं। इसके बावजूद कि वे ब्यूरोक्रेसी में बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान रखते हैं।
हमारे चूरू से दुखद खबर
ये हादसे रोके जा सकते हैं। पूरी तरह लापरवाही के चलते ऐसे न जाने कितने हादसे रोज होते हैं। कहीं सड़क पर खड़े ट्रक-ट्रेलर के कारण ऐसे हादसे होते हैं तो कहीं अचानक ब्रेक लगने से। परिवार के परिवार एक पल में उजड़ जाते हैं। एक ही हादसे में परिवार के छह लोगों की जान चले जाने से ज्यादा दुखद क्या होगा?
पता नहीं, हम कब सड़कों पर चलना सीख पाएंगे
ऐब्सलूट पॉवर सिर्फ पुलिस के पास होती है
कहीं भी, कुछ भी ठीक करवाना हो, वर्दी में इन लठ्ठ धारियों को भेजा जाता है। फिर ये जांबाज़ सब संभाल लेते हैं। जान लेते नहीं हैं और बाक़ी कुछ छोड़ते नहीं है। वोटों की ताक़त वाक़त का तमाम भ्रम कुछ सेकेंडों में ही निकाल देते हैं। इसलिए कमजोर दिल वाले इस वीडियो को नहीं देखें।
चौमूँ के मोरीजा का वीडियो बताया जा रहा है
पुलिस वालों ने बलपूर्वक शांति स्थापित करके ऊपर रिपोर्ट भी भेज दी है। इनको बहुत देर नहीं लगती।
@PoliceRajasthan









