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महिला के साथ इस तरह की मारपीट बेहद निंदनीय है। 🙏 @noidapolice से अनुरोध है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी विवाद का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि कानून के दायरे में होना चाहिए। महिला को न्याय मिले। @CP_Noida @Uppolice @dgpup
नोएडा के सेक्टर-63 स्थित चोटपुर कॉलोनी में महिला से मारपीट का मामला सामने आया।
पीड़िता कल्पना ने थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि नाली की सफाई को लेकर पड़ोसी से विवाद हुआ था।
विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला थाना सेक्टर-63 क्षेत्र का है।
#Noida #NoidaNews #BreakingNews #Sector63 #Chotpur #CrimeNews #ViralVideo #UPPolice #WomenSafety #UttarPradesh
@noidapolice @Uppolice
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#rudraflatbuyers #CitizensFightAlone 491PM/765E, मोदीजी,हमारे ncdrc मामले #cc1573/2018 अंतहीन रूपसे खिंचताजा रहाहै,इसका निष्कर्ष चाहिए।देरीके मुआवजे की शुरुआतकी आवश्यकताहै,बहुत इंतजारकर लियाहै।हमबहुत दुःखीहैं.हमेंआपसे #ऑपरेशनगृहप्रवेश की आवश्यकताहै.We want justice & compensation.
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इतनी देरी का क्या कारण हो सकता है?
मुझे तो सरकार की नीयत सही नहीं लग रही।
जैसे ही इनको पता लगता है कि ग्रेनो वेस्ट मेट्रो के लिए कोई बड़ा आंदोलन होने वाला है तो कुछ न कुछ झुनझुना छोड़ देते हैं जिससे कि हमारा आंदोलन ना हो पाए और इनका वोट बैंक बना रहे वरना उत्तर प्रदेश सरकार क़ो पूरे 10 साल होने क़ो है और राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद अभी तक कुछ नहीं हुआ।
अगर इनकी नीयत सही होती तो ग्रेनो वेस्ट में अबतक ACE City तक मेट्रो दौड़ रही होती।
अब जबतक ये अप्रूवल देंगे तबतक चुनाव आ जायेगा।
फिर भी हम सब ग्रेनो वेस्ट निवासी हाथ जोड़कर यही निवेदन करेंगे कि सारी औपचारिकता अविलम्ब पूरा करके ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम चालू कराये।
धन्यवाद।
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@abhishek_nefowa जी के पास @MoHUA_India से अपडेट आया है तो जरूर ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को मंजूरी मिलना सुनिश्चित हो गया है।
उम्मीद है कि अब स्थानीय विधायक की "धरना प्रदर्शन से कुछ ना होता" वाली सोच बदल जाए।
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा के लिए एक आधार सेंटर है नोएडा एक्सटेंशन के एक मॉल के बेसमेंट में! आधार बनवाने, अपडेट कराने लोग वहां अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ आते हैं! घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है! कोई सुविधा नहीं, कोई पंखा नहीं... कुछ नहीं! यह वीडियो
संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाने के लिए ..
@UIDAI @ceo_uidai @UIDAILucknow @dmgbnagar
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🚇 ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को लेकर बहुत जल्द बड़ी खुशखबरी आने वाली है
@MoHUA_India
@PMOIndia @mlkhattar @myogiadityanath
मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, अब मेट्रो के आने में कोई अड़चन नहीं है। यह हम सभी ग्रेटर नोएडा वेस्ट वासियों के वर्षों के संघर्ष, एकजुटता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
NEFOWA Foundation ने इस मांग को मजबूती से उठाने, लोगों को एकजुट करने और लगातार आवाज़ बुलंद करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह किसी एक व्यक्ति या संस्था की जीत नहीं, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जनता के संघर्ष की जीत है। ✊
हम इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए आप सभी को अग्रिम बधाई देते हैं। बहुत जल्द वह दिन आने वाला है जब हमारा सपना हकीकत में बदलेगा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की पटरी पर दौड़ती नजर आएगी।
संघर्ष जारी रहा, आवाज़ बुलंद रही और अब जीत की दस्तक सुनाई दे रही है। 🚇❤️
@dr_maheshsharma
NEFOWA Foundation
जनता की आवाज़, जनता के साथ
, @narendramodi
@PMOIndia @myogiadityanath
@mlkhattar @MoHUA_India
#Metro4GreaterNoidaWest
केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को निरस्त किए जाने से नाराज निवासियों ने आज सेक्टर-71 चौराहे के समीप नोएडा एक्सटेंशन की ओर जाने वाले अंतिम मेट्रो पिलर के पास जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का आयोजन नेफोवा (NEFOWA) द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय रेसिडेंट्स ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए मोटी रस्सी से मेट्रो पिलर को खींचकर नोएडा एक्सटेंशन की ओर ले जाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार डीपीआर निरस्त होने से क्षेत्र के लाखों निवासियों में भारी निराशा है।
नेफोवा अध्यक्ष @abhishek_nefowa ने बताया कि “ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। बार-बार डीपीआर निरस्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लाखों लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि मेट्रो परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देकर कार्य शुरू किया जाए।”
प्रदर्शन में शामिल निवासियों ने बताया कि वे रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम से जूझते हैं, जबकि क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पिछले 10 वर्षों से मेट्रो को लेकर केवल वादे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नजर नहीं आ रही।आज के प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जमकर नारेबाजी की तथा केंद्र एवं राज्य सरकार से गुहार लगाया कि मेट्रो हमारी आवश्यकता है और इसे अब और ज्यादा विलंब किए बिना कार्य शुरू होना चाहिए।
आज सभी निवासियों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मेट्रो परियोजना को स्वीकृति नहीं दी गई, तथा कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके अलावा 26 अप्रैल को हजारों की संख्या में निवासी दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
टीम नेफोवा
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ग्रेनो वेस्ट में चारमूर्ति गौर चौक से हनुमान मंदिर के बीच मुख्य मार्ग और सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अधिकांश लाइटें बंद पड़ी है।
ARTHA मार्ट long rotary पर लगी लाइटें जलती तो है लेकिन सड़कों को रौशन करने में असमर्थ है।
सेक्टर1 सुपरटेक इकोविलेज 1 सोसाइटी के पास सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइटें 2 महीने से अधिक समय से बंद है।
@OfficialGNIDA कृप्या संज्ञान लेते हुए स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कर सड़कों को सुरक्षित बनाएं।
@ChiefSecyUP @dmgbnagar @noidapolice @myogiadityanath @myogioffice @CMOfficeUP @UPGovt
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निर्माणाधीन परियोजनाओं मे महिला श्रमिकों के बच्चों की देखभाल हेतु क्रेच की व्यवस्था जरूरी है। इस संबंध मे @dmgbnagar @MedhaRoopam जी ने श्रम नियमों के प्रावधान कड़ाई से लागू करने हेतु निर्देश दिए हैं, जिलाधिकारी महोदया का बहुत बहुत धन्यवाद।
अब जरूरत है कि इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन करवाते हुए सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं मे श्रमिकों के बच्चों की देखभाल हेतु क्रेच की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। @CREDAINCR @CREDAINational @NaredcoNational @UPRERAofficial से अनुरोध है कि सभी सदस्य बिल्डरों से इसका पालन करवाना सुनिश्चित करें। NEFOWA सदस्य भी निर्माणाधीन परियोजनाओं मे बच्चों की सुविधा के लिए क्रेच और स्कूल पर नजर रखेंगे। @myogiadityanath @myogioffice @CMOfficeUP @UPGovt
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.@MoHUA_India @mlkhattar जी, VCL Group और @OfficialNBCC की भूमिका की स्वतंत्र जाँच का आदेश देने की कृपा करें।
ये वही VCL Group है, जिसने Amrapali Golf Homes, Amrapali Kingwood, Leisure Park सहित Amrapali के कई अन्य प्रोजेक्ट्स में काम किया है। इनके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर होमबायर्स पहले भी लगातार शिकायतें करते रहे हैं।
हाल ही में जोधपुर हाईकोर्ट की VCL द्वारा निर्मित एक बिल्डिंग की छत में दरार और फायर सेफ्टी जैसी कई खामियां सामने आने के बाद VCL के मालिक वीरेंद्र गर्ग फरार हो गए थे। उन पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और बाद में उन्हें हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।
ऐसे में सवाल @OfficialNBCC से भी है कि शिकायतों के बावजूद VCL को लगातार इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में काम किस आधार पर दिया गया और इनके काम की गुणवत्ता की निगरानी कैसे हुई? @OfficialNBCC द्वारा इन्हें प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट दिया जा रहा हैl
Amrapali Golf Homes और Leisure Park में VCL द्वारा किए गए सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच होनी चाहिए। हम @MoHUA_India के साथ साथ Supreme Court में VCL के काम के साथ-साथ NBCC की भूमिका और निगरानी की भी जांच की मांग करेंगे, ताकि होमबायर्स के घरों की सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
अब सवाल सिर्फ VCL की जवाबदेही का नहीं, @OfficialNBCC की जवाबदेही का भी है।
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गौतमबुद्ध जिलाधिकारी @dmgbnagar के 18-अगस्त के आदेश के बाद भी निर्माणाधीन परियोजनाओं पर श्रमिकों के बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा विकसित नहीं की गई है। क्रेच की सुविधा ना होने से बच्चों का बचपन धूल मिट्टी और सड़कों पर कूड़ा कचरा बीनने मे बीत रहा। बच्चों की बेहतर भविष्य के लिए बचपन मे ही बेहतर देखभाल जरूरी है। @CREDAINCR @CREDAINational @NaredcoNational @UPRERAofficial से अनुरोध है कि सभी सदस्य बिल्डरों से इसका कड़ाई से पालन करवाना सुनिश्चित करें। NEFOWA सदस्य निर्माणाधीन परियोजनाओं मे बच्चों की सुविधा के लिए क्रेच और स्कूल पर लगातार नजर रख रहे हैं और आगे भी नजर बनाए रखेंगे। @MedhaRoopam @CommissionerMe3 @ChiefSecyUP @spgoyal @myogiadityanath @myogioffice @CMOfficeUP
निर्माणाधीन परियोजनाओं मे महिला श्रमिकों के बच्चों की देखभाल हेतु क्रेच की व्यवस्था जरूरी है। इस संबंध मे @dmgbnagar @MedhaRoopam जी ने श्रम नियमों के प्रावधान कड़ाई से लागू करने हेतु निर्देश दिए हैं, जिलाधिकारी महोदया का बहुत बहुत धन्यवाद।
अब जरूरत है कि इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन करवाते हुए सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं मे श्रमिकों के बच्चों की देखभाल हेतु क्रेच की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। @CREDAINCR @CREDAINational @NaredcoNational @UPRERAofficial से अनुरोध है कि सभी सदस्य बिल्डरों से इसका पालन करवाना सुनिश्चित करें। NEFOWA सदस्य भी निर्माणाधीन परियोजनाओं मे बच्चों की सुविधा के लिए क्रेच और स्कूल पर नजर रखेंगे। @myogiadityanath @myogioffice @CMOfficeUP @UPGovt
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सुपरटेक के हजारों घर खरीदार वर्षों से अपने घर और रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। सुपरटेक से मिले धोखे के बाद अब खरीदारों को Apex Committee और @OfficialNBCC से उम्मीद है।लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद पिछले 21 महीनों से सुपरटेक की 16 अधूरी परियोजनाओं पर निर्माण शुरू नहीं हुआ है। NEFOWA की मांग है कि Apex Committee और @OfficialNBCC बिना किसी और देरी के तत्काल टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराएं।
साथ ही, लगभग 25,000 घर खरीदार पिछले करीब 10 वर्षों से बिना रजिस्ट्री के रह रहे हैं। पिछले 21 महीनों में रजिस्ट्री के मुद्दे पर Greater Noida Authority के साथ एक भी बैठक नहीं होना बेहद चिंताजनक है।
हमें उम्मीद है कि Apex Committee और NBCC जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के साथ-साथ रजिस्ट्री के समाधान के लिए Greater Noida Authority के साथ भी तत्काल बातचीत शुरू करेंगे।
अब आश्वासन नहीं—जमीन पर काम चाहिए।
#Supertech #NBCC #Homebuyers #NEFOWA
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नेफोवा की सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट मांग:
1. कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
2. सुपरटेक की अधूरी परियोजनाओं में NBCC @OfficialNBCC बिना किसी और देरी के जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करे। हजारों घर खरीदार वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं और उनके सपनों का घर आज भी अधूरा पड़ा है।
3. लगभग 25,000 सुपरटेक घर खरीदारों की रजिस्ट्री तत्काल कराई जाए। वर्षों से बिना रजिस्ट्री के रह रहे इन परिवारों को उनके घर का वैध मालिकाना हक मिलना चाहिए। किसी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की स्थिति में बीमा और मुआवजे को लेकर गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जो भी लोग इस प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। इस मामले का बिना किसी और देरी के शीघ्र समाधान हो तथा देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ न्यायालय में सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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नेफोवा की मांग — अब तारीख नहीं, जमीन पर काम चाहिए
आज NCLAT में सुनवाई के दौरान जनवरी 2027 से निर्माण शुरू करने की बात सामने आई। लेकिन “ड्यू डिलिजेंस पूरी होने के बाद” वाली शर्त इसे फिर एक सशर्त समयसीमा बनाती है। यानी अब निर्माण शुरू करने की नई तारीख 16 जनवरी 2027 दी गई है।
पहले भी 1 मई 2025 → 31 जुलाई 2026 → 1 अक्टूबर 2026 जैसी समयसीमाएं आईं और बदलती रहीं, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब हमारी माँग है ACC/@OfficialNBCC जनवरी 2027 में काम शुरू करने के लिए कोर्ट में बिना शर्त के शपथपत्र दें, नहीं तो जनवरी में ये फिर नई तारीख दे देंगे।
साथ ही करीब 25,000 परिवार वर्षों से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनकी रजिस्ट्री अब तक नहीं हुई है। उनकी रजिस्ट्री के लिए भी निश्चित समयसीमा तय हो।
NEFOWA की 3 प्रमुख मांगें:
1️⃣ कोर्ट के आदेशों का जल्द से जल्द पालन हो।
2️⃣ NBCC बिना किसी और देरी के निर्माण कार्य शुरू करे।
3️⃣ जिन घरों की रजिस्ट्री लंबित है, उनकी रजिस्ट्री के लिए तत्काल ठोस कदम और निश्चित समयसीमा तय हो।
अब न नई तारीख चाहिए, न सशर्त आश्वासन—जमीन पर निर्माण, घरों की रजिस्ट्री और जवाबदेही चाहिए।
#Supertech #Homebuyers #NEFOWA #NBCC #NCLAT
🤖 Made with AI
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3C-Lotus के हजारों होमबायर्स वर्षों से परेशान, फिर भी Noida Authority की कथित मेहरबानी पर गंभीर सवाल!!
3C और Lotus समूह से जुड़े हजारों होमबायर्स आज भी अपने घर, पजेशन और रजिस्ट्री के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी हैं और खरीदारों की मेहनत की कमाई फंसी हुई है।
Lotus 300, Sector-107 इसका बड़ा उदाहरण है,OC/CC मिलने के बावजूद Towers 3–6 के 228 फ्लैटों की रजिस्ट्री लंबित रहने को लेकर होमबायर्स ने Noida Authority को कानूनी नोटिस तक दिया था।
वहीं Lotus Boulevard, Sector-100 और Lotus Panache, Sector-110 जैसे प्रोजेक्ट भी लंबे समय से insolvency/NCLT प्रक्रिया और होमबायर्स के अधिकारों से जुड़े विवादों में रहे हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब पुराने FAR का भुगतान लंबित बताया जा रहा है और हजारों होमबायर्स की रजिस्ट्री, पजेशन और अन्य समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हुई हैं, तो Sector-78 और Sector-79 में पुराने रेट पर नया FAR देने की जरूरत और औचित्य क्या है?
यदि FAR को 1.5 से बढ़ाकर 2 किया जाता है, तो मौजूदा परियोजनाओं की amenities और सुविधाओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या इस बढ़े हुए FAR का लाभ पुराने होमबायर्स की समस्याओं के समाधान में भी सुनिश्चित किया जाएगा?
NEFOWA का सवाल सीधा है: पहले पुराने होमबायर्स का हक, रजिस्ट्री और लंबित मामलों का समाधान या पहले नया FAR?
हजारों लोगों की मेहनत की कमाई वर्षों से फंसी है। जिनका घर और हक वर्षों से अटका है, उनके समाधान से पहले नई सुविधाएं किसके हित में हैं?
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के #HNS मॉल की लिफ्ट में देर रात 8 लोगों का एक घंटे तक फंसे रहना बेहद गंभीर मामला है। मोबाइल नेटवर्क न होने से मदद के लिए संपर्क तक नहीं हो सका।
महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि लिफ्ट में खराबी आने पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है, और इसकी जिम्मेदारी कैसे तय होगी? ARD सिस्टम और लिफ्ट एक्ट के सख्त अनुपालन को आखिर कब सुनिश्चित किया जाएगा?
शॉपिंग मॉल हो या ग्रुप हाउसिंग लिफ्ट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं। सुरक्षा में लापरवाही नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा इस मामले में मॉल प्रबंधन के ऊपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। #LiftAct
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भूटानी ग्रुप एवं लाजिक्स समूह के गठजोड़ की भूमिका अब गंभीर जांच का विषय है।
भूटानी ग्रुप द्वारा Assured Return, Virtual Space, एवं कई सारे पोंजी स्कीम जैसे निवेश मॉडल के नाम पर ग्राहकों एवं घर खरीददारों को धोखा देने के बाद Logix की जमीन/प्रोजेक्ट्स पर नियंत्रण से वर्षों से परेशान लोगों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े हैं।
ED की जांच में WTC/Bhutani से जुड़े मामले में ₹3,500 करोड़ से ज्यादा की fund collection और कथित “well-orchestrated Ponzi scheme” के संकेत दर्ज किए गए हैं।
फिर सवाल यह है कि Logix के हजारों Home buyers को दर-दर भटकाकर उनकी परियोजनाओं/जमीन पर Bhutani का नियंत्रण कैसे और किसके संरक्षण में हुआ?
इन सभी मामले में नोएडा ऑथोरिटी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आखिर किस प्रक्रिया के तहत ऐसे अधिकार बदले गए? क्या Authority ने होम बायर्स के हितों की रक्षा की या सिर्फ डेवलपर बदलकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया?
ED की जांच को Logix–Bhutani के बीच हुए सभी संबंधित लेन-देन, परिसंपत्ति/परियोजना हस्तांतरण और फंड फ्लो तक आगे बढ़ाया जाए।
सबसे दर्दनाक स्थिति उन लोगों की है जिन लोगों ने वर्षों पहले अपने खून-पसीने की कमाई से घर बुक किया था, वे आज भी अपने ही घर की रजिस्ट्री के लिए इंतजार कर रहे हैं।
उनके लिए यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं, उनकी जीवनभर की बचत, उनके बच्चों का भविष्य और वर्षों से देखा गया अपना घर है। लेकिन घर सामने होते हुए भी मालिकाना हक का इंतजार खत्म नहीं हो रहा।
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, @CP_Noida @dmgbnagar @KnowledgeSho @DCPGreaterNoida
@DCP_Noida @ChiefSecyUP
@CMOfficeUP
समृद्धि लक्सुरिया एवेन्यू, सेक्टर-150, नोएडा के निवासी, थाना नॉलेज पार्क/गौतम बुद्ध नगर पुलिस से आग्रह करते हैं कि सोसायटी में एक किरायेदार द्वारा किए जा रहे गंभीर नियम उल्लंघनों की निष्पक्ष जांच की जाए।
🔹 Pet Policy उल्लंघन – कुत्तों को बिना पट्टे घुमाना और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना।
🔹 सुरक्षा खतरा – आक्रामक व्यवहार से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में भय का माहौल।
🔹 व्यावसायिक गतिविधि – परिसर में कथित डॉग-पार्लर चलाना।
🔹 धमकी और अभद्रता – आपत्ति जताने वाले निवासियों को डराना और मानसिक रूप से परेशान करना।
04 अक्टूबर 2026 को अनेक निवासियों ने सामूहिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
👉 हमारी मांग:शिकायत की निष्पक्ष जांच हो।Pet Policy और सोसायटी नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई हो।सोसायटी में शांति, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
✍️ यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून और नियमों के पालन तथा सभी निवासियों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की सामूहिक मांग है।
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.@grok ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो पर क्या अपडेट है? @PIB_India से अप्रूवल मिलने के बाद बात कहाँ अटकी हुई है और फ़ाइल अटकने या अटकाने के लिए कौन कौन जिम्मेदार है? कृप्या विस्तार सभी जिम्मेदारों के बारे मे बताएं।
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.@grok ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटैन्शन) के आम जनता को किन किन सुविधाओं का लंबे समय से इंतजार है? क्या यह जरूरतें और सुविधाओं के बार मे शासन, प्रशासन, विधायक, सांसद अवगत हैं या नहीं? और यदि सभी अवगत है तो कृप्या यह भी बताएं कि सुविधाएं अभी तक विकसित ना होने का क्या कारण है?







































