वो देदे तो शुक्र कर ना देतो सब्र कर। ‏شیکھر کہت شیکھر سیز 🌹तुम जहां भी जाओ, चाहे कोई भी मौसम हो, हमेशा अपनी धूप खुद खिलाओ।

Joined April 2011
लाख दबाओ आवाज़ हमारी पर दबा न सकोगे सच कहते हैं💐 सच को उजागर होने से रोक न सकोगे ~ शेखरकहत्💐 shekharsays🌹 @snanda54 pls follow me on Twitter🐦🐦 कृपया मुझे टवीटर पर फौलो करें धन्यवाद🙏💕
5
21
1
33
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
*** " संकटमोचन महावीर श्री हनुमान जी -- " कलिंगपोंग " / Kalimpong ,, प० बंगाल - सिक्किम बॉर्डर में खूबसूरत ऊंची पहाड़ियों में विराजमान विशाल प्रतिमा !! ------ THE PROTECTOR - THE POWER - THE FAITH ------ "" अंजनी गर्भसंबूताय , कपिन्द्र सचिवोत्तम -
2
6
6
59
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
Replying to @elliesangelwing
The warmth and closeness is in emotions behind the words and not in mere words
1
1
3
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
Oops so sorry I spelt your name wrong I spelt SHEKHARSAY something else I’m so sorry. When I replied to you please forgive me. I was asking Google Ai to translate the picture in Hindi so thank you
2
2
2
198
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
जहाँ राम का नाम है, वहाँ संकट का कोई काम नहीं।" संकटमोचन हनुमान जी सिखाते हैं कि प्रभु श्रीराम के चरणों में पूर्ण समर्पण ही जीवन के हर कष्ट से मुक्ति का एकमात्र मार्ग है। जय श्री राम! जय बजरंगबली! 🚩🙏 शुभ सुप्रभातम वंदन 🚩 शुभ मंगलवार 🚩
5
9
12
111
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
…”अजराय वीराय वरदाय …… वायुपुत्राय हरीश्वराय । चिरञ्जीविने लंकारये च #श्रीहनुमते नमो नम : ।।”.. ... कभी बूढ़े न होने वाले, वीर वरदान देने वाले, #पवनपुत्र, वानरों के स्वामी, चिरञ्जीवी, लंका के शत्रु,श्री हनुमान जी को मैं नमस्कार करता हूँ..!!! - ॐ श्री हनुमते नमः..!!🙏
7
8
62
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
Thank you for this beautiful message, Shenadan! "Share goodness, and peace will follow." That is such a powerful truth to live by. Have a wonderful, blessed day ahead! 🕊️☀️
3
3
120
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
सुप्रभात नमस्ते मित्रों जय श्री राम जय श्री हनुमान आप सबका मंगल मंगलमय रहे 🙏🌺
20
16
2
35
457
🇮🇳#Shekharsays#शेखरकहत्📝 retweeted
अतुलित बलधामं हेमशैलाभ देहं‚ दनुजवन कृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकल गुण निधानं वानरानामधीशं‚ रघुपति प्रिय भक्तं वातजातं नमामी।। मनोजवं मारुततुल्यवेगं‚ जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं‚ श्री रामदूतं शरणं प्रपद्ये।। पवनसुत हनुमान जी की जय
1
3
4
46