जिन्हें प्यास कम उन्हें दम ब दम, जिन्हें प्यास है उन्हें कम से कम। साक़िया तेरी बज़्म का ये उसूल है कि मज़ाक है प्रवक्ता,समाजवादी पार्टी (पूर्व विधायक)

सुल्तानपुर, उ०प्र०,भारत
Joined October 2019
बूथ नंबर 15 , चंदीपुर ( विधानसभा क्षेत्र 188, सुल्तानपुर) में आज फार्म 6 भरवाने के लिए संबंधित blo मौजूद नहीं है। @dmsultanpur @ECISVEEP @yadavakhilesh
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महाकुंभ के नाम पर जो 1 लाख करोड़ रुपए प्रयागराज के तथाकथित ‘स्मार्ट डेवलपमेंट’ के नाम पर ख़र्च किए गए थे, ये उस महा-भष्ट्राचार का जीता-जागता और बहता-बहाता प्रमाण है। बनाने चले थे ‘दिव्य’; लेकिन हर तरह दिख रहा है ’द्रव्य’! अब क्या इलाहाबाद का नाम फिर से बदलकर प्रयागराज से ‘जलराजनगर’ करेंगे। भाजपाइयों ने सोचा न था कि उनके महापाप की पोल कभी धार्मिक रूप से खुलेगी, कभी प्राकृतिक रूप से। पाप की सज़ा इसी धरती पर मिलती है।
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अंबेडकरनगर में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का दुखद समाचार आया है। उप्र मे पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, दुर्भाग्यपूर्ण!
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अब क्या एअरपोर्ट पर नाव चलेगी? जहाँ भाजपा सरकार, वहाँ महा-भ्रष्टाचार!
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गजब हाल है देश के सबसे बड़े प्रदेश के सर्वोच्च सदन का ?
विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा था, लेकिन जवाब सरकार से कम और स्पीकर की कुर्सी से ज़्यादा आ रहे थे। "रसीद लेकर आ जाओ", "तुम तो पैदा भी नहीं हुए थे...", "मैं बताता हूँ कहाँ मिलेगा..." - ये किसी निष्पक्ष स्पीकर की भाषा नहीं लगती। ये तो ऐसा लग रहा था जैसे सत्ता पक्ष का कोई नेता विपक्ष से बहस कर रहा हो। लोकतंत्र में स्पीकर की कुर्सी किसी पार्टी की नहीं, पूरे सदन की होती है। उसका काम सत्ता का बचाव करना नहीं, नियमों के मुताबिक़ सदन चलाना और दोनों पक्षों को बराबरी से सुनना है। लेकिन जिस दौर में हर संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हों, वहाँ स्पीकर से भी निष्पक्षता की उम्मीद करना शायद ज़्यादा बड़ी उम्मीद हो गई है। अब उम्मीद सिर्फ़ जनता से है। वही तय करेगी कि नफ़रत फैलाने वालों, समाज को बाँटने वालों और जवाबदेही से भागने वालों को सत्ता में बनाए रखना है या लोकतंत्र को फिर से मज़बूत करना है।
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स्वतंत्रता आंदोलन की माफीवीर विचारधारा लगभग नाबालिग बच्चों से माफी मंगवाकर गौरवान्वित है? फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का एक शेर प्रासंगिक है। "निसार मैं तेरी गलियों के ऐ वतन के जहां, चली है रस्म कोई ना सर उठाके चले" जयहिंद इंकलाब जिंदाबाद
विशेष चेतावनी: बहरूपिये भाजपाई बहेलियों से दूर रहें ! सत्ताधारियों के साथ सिर्फ़ अंधेरे में रहने वाले भूमिगत, अनरजिस्टर्ड संगी-साथी ही नहीं हैं, बल्कि इस बहु-भुजाओं वाले _‘ऑक्टोपस गिरोह’_ के और भी कई हाथ हैं, जो चमचमाती लाइट में बैठकर और अपने ‘कुविचार-वंशियों’को आसपास बैठाकर ‘खुली साज़िश’ करते हैं, लोगों को किसी और बहाने से बुलाकर फँसाते हैं और दिनदहाड़े घेरकर शिकार करने की कोशिश करते हैं। ये ‘बहरूपिये बहेलिये’ हैं, जिनका भंडाफोड़ अब सरेआम हो गया है। मूल रूप से ये वो ‘सुरंगजीवी गिरोह’ है जो अकेले को देखकर भीड़ बनाकर घेरकर शिकार करता है, लेकिन भीड़ को देखकर अलग-अलग होकर अंडरग्राउंड हो जाता है। अपने आस-पास के घरों में गहराई से तलाशें! ये बिना KYC वाले लोग कहीं आपके आस-पड़ोस के किसी घर में प्रवास-वास न कर रहे हों। इनकी पहचान ये है कि ये थोड़े संदिग्ध टाइप का व्यवहार करते हैं। मन के मैले ये लोग साफ़-सुथरे, साधारण कपड़ों में रहते हैं। निकलते अकेले हैं लेकिन किसी ख़ुफ़िया जगह पर एक-दूसरे से अंजान बनकर अख़बार के पीछे मुँह छिपाकर फुसफुसाते हैं। बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं, बड़ों पर झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, चरित्रहीनों को माला पहनाते हैं, अपने पुरुषवादी तंग नज़रिये के कारण नारी का अपमान करते-करवाते हैं, बहन-बेटियों और दुखी माँ तक को सरेआम धमकाते हैं, नारी की आज़ादी पर नैतिकता के नाम पर पाबंदियाँ लगाते हैं। धन-लोलुपता, बदज़ुबानी, दग़ाबाज़ी, धोखे और षड्यंत्र के साथ-साथ बेशर्मी और बेरहमी इन स्वार्थियों की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके लिए ये इंसान क्या, भगवान तक को ठग लेते हैं। अपने तन-मन का रखें विशेष ध्यान : ख़तरे से रहें सावधान! #CC_to_CC #जो_भाजपा_का_साथी_वो_रामघाती_महापापी
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विश्व विख्यात श्री सोनम वांगचुक जी से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है। हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें। देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत आवश्यकता है अतः वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें, फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें और नई ऊर्जा का संचय करके पुनः नये आंदोलन में जुट जाएं। उनसे सविनय आग्रह है कि वो ‘नकारात्मक, भ्रष्ट, बेईमान, लोकतंत्र विरोधी सांप्रदायिक भाजपा’ के विरुध्द हो रहे आंदोलनों को पूरे देश में विस्तारित कर जन-एकजुटता की अखंड कड़ी बनें। नीट की परीक्षा के घोटाले के बाद मंदिर में चोरी के महापाप का भंडाफोड़ भी एक गहरा दिव्य-संकेत है। डॉक्टर को धरती पर भगवान के रूप में ही देखा जाता है। हम सब तो मंदिर और मेडिकल दोनों के गहरे संबंध में विश्वास करते हैं। धर्म के मनोबल का और चिकित्सा का मनोवैज्ञानिक संबंध भी होता है। जिस तरह संपूर्ण विश्व का मीडिया श्री सोनम वांगचुक जी के लिए चिंतित दिखाई दे रहा है, उसका एक दूसरा पक्ष ये भी है कि इससे भाजपा राज में दुनिया भर में हमारे देश की डेमोक्रेटिक इमेज बुरी तरह खंडित हो रही है। हम श्री सोनम वांगचुक जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। @Wangchuk66
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धन्य हैं तपस्वी जी! इससे ज्यादा सुविधा की कल्पना भी मुश्किल है।
लो अब वृक्षारोपण का ही एनकाउंटर कर दिया! शुक्र तो ये मनाइये कि 1 पेड़ तो लगा, भले वो मंच पर लगा दिया है बाक़ी 34,99,99,999 तो काग़ज़ी फ़ाइल में लगेंगे। ये वृक्षारोपण नहीं, भ्रष्टारोपण है जिसके बहाने चुनावी-फ़ंड की समानांतर व्यवस्था की जा रही है। इसके पीछे भी डबल इंजन की टकराहट ही मुख्य कारण है। ‘भाषण न सुनने के मूड’ वाले सार्वजनिक बयान के बाद जो 1-2% छवि बची भी थी, उस पर भी ऐसे दिखावटी कृत्यों से इन्होंने ख़ुद ही बुलडोज़र चला दिया है।
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निशिकांत दुबे (असत्यवादी ?) हैं तो स्वाभाविक ही है क्योंकि भ्रम, नफरत और भय‌ ही तानाशाही के प्रमुख हथियार होते हैं? गजब का झुठ्ठा है ये तो?
सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे। ‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें। - ⁠संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें - ⁠दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें - ⁠अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें - माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले - ⁠माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें - ⁠उप्र-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें - ⁠समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले @nishikant_dubey
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सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे। ‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें। - ⁠संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें - ⁠दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें - ⁠अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें - माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले - ⁠माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें - ⁠उप्र-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें - ⁠समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले @nishikant_dubey
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आख़िरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है। फिर भी 140 करोड़ देशवासी और दुनियाभर के चंदा-दान देनेवाले सनातनी पूछ रहे हैं कि हर काम में आगे रहनेवाले, इस घोर-गंभीर मसले पर ख़ुद सामने क्यों नहीं आए, अपने से पीछेवाले को आगे क्यों कर दिया, क्या इसमें भी ये सोचकर साज़िश की गई है कि ‘महापाप’ के दोष और जनाक्रोश से ख़ुद को बचा लो और दूसरे को फँसाकर उससे सफ़ाई दिलवा दो। जो षड्यंत्रजीवी रहे हैं अब तो वो आपस में भी एक-दूसरे की मुख़बिरी कर रहे हैं। बँटवारे की लड़ाई सारे राज़ खोल देगी। जो शातिर सेंध लगाकर, बोरी भरकर सुरंग के रास्ते बहुत दूर निकल गये हैं, वो ‘असली पापी’ याद रखें जहाँ भूमिगत मार्ग ख़त्म होगा, उस अगले छोर पर ‘सत्य’ उनके पापों की सज़ा देने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है। इन्हें न अयोध्या क्षमा करेगा, न देश, न वो परम प्रभु, जिसके ख़ज़ाने को इन्होंने बेरहमी, बेदर्दी और बेशर्मी से लूटा है।
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ट्रस्ट भी भ्रष्ट है ! 🤔 @yadavakhilesh @aashishsy @bstvlive @mediacellsp @samajwadiparty
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ज़ुल्मी हुक्मरानों से कह दो आज बंदिशों में कब बंधा है ‘इंक़लाब’ #BJP_बनाम_CJP
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प्रदूषण मुक्त उत्तर प्रदेश सरकार? @akh @aashishsy @mediacellsp @bstvlive
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श्री प्रतीक यादव जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि!
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जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा। अगर किसी काम को करने की सही मंशा होती है, तो शंका नहीं होती है। दरअसल महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार अगर कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं। और इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है। जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आँकड़ों को आधार बनाएंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी। इसीलिए हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए। जो सरकार महिलाओं को गिनना नहीं चाहती है, वो भला उन्हें आरक्षण क्या देगी। महिलाओं के साथ भाजपा और उनके संगी-साथी जो धोखा करना चाहते हैं, महिलाओं के साथ वो छलावा हम नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर सरकार से हमारा ये कहना है : जब तक जनगणना नहीं, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना नहीं!
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समस्त देशवासियों को चैत्र रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
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जो लोग राजनीति से कोई मतलब नहीं रखते, उनको समझ आ जाना चाहिए कि इज़राइल अमेरिका और ईरान के युद्ध का भारत में क्यों और कैसा प्रभाव पड़ रहा है? राजनीति घर के चूल्हे से लेकर आपके बच्चे के भविष्य तक को तय करती है।। @yadavakhilesh @aashishsy @bstvlive @mediacellsp @samajwadiparty
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